ज़िक्र हुआ जब खुदा की रहमत का by avni kumariज़िक्र हुआ जब खुदा की रहमत का।हमने खुद की खुशनसीब पाया।तमन्ना थी एक प्यारे से दोस्त की।खुदा खुद दोस्त बन के चला आया।.