लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,

लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,
और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए।