ये चिराग-ए-जान भी अजीब है,
कि जला हुआ है अभी तलक,
उसकी बेवफाई की आँधियाँ तो,
कभी की आ के गुजर गईं।
जोक्स और शायरी हिंदी में
ये चिराग-ए-जान भी अजीब है,
कि जला हुआ है अभी तलक,
उसकी बेवफाई की आँधियाँ तो,
कभी की आ के गुजर गईं।
Best Hindi Shayari Bewafa – हिंदी शायरी बेवफा
मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।
हर भूल तेरी माफ़ की तेरी हर खता को भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का तूने बेवफाई सिला दिया।
मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद
हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।
गहराई प्यार में हो तो बेवफाई नहीं होती,
सच्चे प्यार में कहीं तन्हाई नहीं होती,
मगर प्यार ज़रा संभल कर करना मेरे दोस्त,
प्यार के ज़ख्म की कोई दवा नहीं होती।
मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा
जिन्हे दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा
Wafa Ki Talash Karte Rahe Hum,
Bewafai Mein Akele Marte Rahe Hum,
Nahi Mila Dil Se Chahne Wala,
Khud Hi Bewajah Darte Rahe Hum,
Lutaane Ko Hum Sab Kuchh Luta Dete,
Mohabbat Mein Unn Par MitTe Rahe Hum,
Khud Dukhi Hokar Khush Unko Rakha,
Tanhaion Mein Saansein Bharte Rahe Hum,
Woh Bewafai Hum Se Karte Hi Rahe,
Dil Se Unn Par Marte Rahe Hum.
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Bewafa To Woh Khud Thi..
Par Ilzaam Kisi Aur Ko Deti Hai..
Pehle Naam Tha Mera Uske Hothon Par..
Ab Woh Naam Kisi Aur Ka Leti Hai..
Kabhi Leti Thi Wada Mujhse Saath Na Chorne Ka..
Ab Yehi Wada Kisi Aur Se Leti Hai.
अरे बेपनाह मोहब्बत की थी हमने तुझसे ओ बेवफा !
तुझे दुःख दूं ये न होगा कभी खुद मर जाऊं यहीं ठीक है !!
Usko Bewafa Keh Kar Apni Hi Nazro Me Gir Jate Hain Hum…
..
Wo Pyar Bhi Apna Tha .. Wo Pasand Bhi Apni Thi…
मैंने उस से वफ़ा की उम्मीद लगा रखी थी दोस्तों !
जिसके चर्चे आम थे बाजार में बेवफाई के दोस्तों !!
तू भी बेवफा निकला औरों की तरह, सोचा था !
की हम तुझसे ज़माने की बेवफाई का गिला करेंगे !!
लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं !
किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं !
उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते !
ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं !!
चलो छोड़ो ये बहस कि वफ़ा किसने की
और बेवफा कौन है
तुम तो ये बताओ कि आज ‘तन्हा’ कौन है !!
मैंने भी किसी से प्यार किया था
उनकी रहो में इंतजार किया था
हमें क्या पता वो भूल ज्यांगे हमें
कसूर उनका नहीं मेरा ही था
जो एक बेवफा से प्यार किया था !!