गैरों से मुहब्बत होने लगी है आजकल मुझे,
जैसे जैसे अपनों को आजमाता जा रहा हूँ।
जोक्स और शायरी हिंदी में
गैरों से मुहब्बत होने लगी है आजकल मुझे,
जैसे जैसे अपनों को आजमाता जा रहा हूँ।
साँसों का टूट जाना तो बहुत छोटी सी बात है दोस्तो,
जब अपने याद करना छोड़ दें मौत तो उसे कहते हैं।
जो साथ छोड़ दे वो अपने कैसे,
जो मुकम्मल न हों वो सपने कैसे।
किसी को दिल दीवाना पसंद है,
किसी को दिल का #नजराना पसंद है,
औरों की तो मुझे ख़बर नही लेकिन,
हमे तो अपनो का मुस्कुराना पसंद है।
छोटी सी है जिंदगी हँस के जियो,
भुला के सारे गम दिल से जियो,
उदासी में क्या रखा है मुस्कुरा के जियो,
अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो।
मुलाकाते जरुरी हैं… अगर रिश्ते निभाने हैं,
लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी सूख जाते हैं।
कोई वादा नही फिर भी इंतज़ार है,
दूर होते हुए भी हमें तुमसे प्यार है,
तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही,
मुझसे दूर होकर तू भी बेकरार है।
दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने किया ही क्या है ?
Ek Pal Mein Zindagi Bhar Ki Udasi De Gaya,
Wo Jate Jate Kuchh Phool Basi De Gaya,
Noch Kar Shakhon Ke Tan Se Khushk Patton Ka Libaas,
Zard Mausam, Baanjh Rut Ko Be-Libasi De Gaya.
फैसला कोई भी हो दिल में उतर कर करना,
जो तुझको दिल में रखे उसको हमसफ़र करना,
मेरे माथे की लकीरें भी यही कहती है अम्बर,
ये मोहबत है जरा सोच समझ कर करना।