वो समझे या ना समझे मेरे जज्बात को 

वो समझे या ना समझे मेरे जज्बात को
मुझे तो मानना पड़ेगा उनकी हर बात को
हम तो चले जायेंगे दुनिया से एक दिन
मगर देख लेना वो सोंएगे अकेले हर रात को ।

कुछ रिश्तों की चमक नहीं जाती 

कुछ रिश्तों की चमक नहीं जाती
कुछ यादों की कसक नहीं जाती
कुछ दोस्तों से होता है ऐसा रिश्ता
के दूर रह कर भी उनकी महक नहीं जाती ।।

मुहब्बत को जब लोग खुदा मानते है

मुहब्बत को जब लोग खुदा मानते है
प्यार करने वालों को क्यों बुरा मानते है
जब जमाना ही पत्थर दिल है
फिर पथर से लोग क्यों दुआ मांगते है

अपनी उल्फ़त का यकीन दिला सकते नही

अपनी उल्फ़त का यकीन दिला सकते नही।
सारी ज़िन्दगी आपको भुला सकते नही।
हम ओर क्या दे आपको प्यार के सिवा।
चाँद ओर तारे तो ला सकते नही।

प्यार हम उनको करते हैं

प्यार हम उनको करते हैं।
जो हमारी फ़िकर करते हैं।
कदर हम उनकी करते हैं।
जो हमारी इज्ज़त करतें हैं।
जीते हैं हम उनके लिए।
जो हम पर मरते हैं।

 एक सपने की तरह सजा कर रखु

एक सपने की तरह सजा कर रखु
अपने इस दिल में हमेशा छुपा कर रखु
मेरी तक़दीर मेरे साथ नहीं वर्ना
ज़िंदगी भर के लिए उसे अपना बना कर रखु ।