तेरे इंतज़ार का ये आलम है,

तेरे इंतज़ार का ये आलम है,

तड़प्ता है दिल आखें भी नम है,

तेरी आरज़ू में जी रहे है,

वरना जीने की ख्वाहिश कम है.

उनका भी कभी हम दीदार करते है 

उनका भी कभी हम दीदार करते है

उनसे भी कभी हम प्यार करते है

क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी पर

फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है

Mat Kar Mere Dost Haseena Se Mohabbat,

Mat Kar Mere Dost Haseena Se Mohabbat,
Wo To Aankhon Se Waar Karti Hain.
Maine Teri Wali Ki Aankhon Me Dekha Hai,
Wo To Mujh Se Bhi Pyar Karti Hai.