जख्म देकर ना पूछा करो दर्द की शिद्दत, दर्द तो दर्द होता है, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या!!
Bewafa To Woh Khud Thi..
Bewafa To Woh Khud Thi..
Par Ilzaam Kisi Aur Ko Deti Hai..
Pehle Naam Tha Mera Uske Hothon Par..
Ab Woh Naam Kisi Aur Ka Leti Hai..
Kabhi Leti Thi Wada Mujhse Saath Na Chorne Ka..
Ab Yehi Wada Kisi Aur Se Leti Hai.
अरे बेपनाह मोहब्बत की थी हमने तुझसे ओ बेवफा
अरे बेपनाह मोहब्बत की थी हमने तुझसे ओ बेवफा !
तुझे दुःख दूं ये न होगा कभी खुद मर जाऊं यहीं ठीक है !!
Usko Bewafa Keh Kar Apni Hi Nazro Me Gir Jate Hain Hum…
Usko Bewafa Keh Kar Apni Hi Nazro Me Gir Jate Hain Hum…
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Wo Pyar Bhi Apna Tha .. Wo Pasand Bhi Apni Thi…
मैंने उस से वफ़ा की उम्मीद लगा रखी थी दोस्तों
मैंने उस से वफ़ा की उम्मीद लगा रखी थी दोस्तों !
जिसके चर्चे आम थे बाजार में बेवफाई के दोस्तों !!
तू भी बेवफा निकला औरों की तरह, सोचा था !
तू भी बेवफा निकला औरों की तरह, सोचा था !
की हम तुझसे ज़माने की बेवफाई का गिला करेंगे !!
लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं
लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं !
किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं !
उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते !
ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं !!
चलो छोड़ो ये बहस कि वफ़ा किसने की
चलो छोड़ो ये बहस कि वफ़ा किसने की
और बेवफा कौन है
तुम तो ये बताओ कि आज ‘तन्हा’ कौन है !!
मैंने भी किसी से प्यार किया था
मैंने भी किसी से प्यार किया था
उनकी रहो में इंतजार किया था
हमें क्या पता वो भूल ज्यांगे हमें
कसूर उनका नहीं मेरा ही था
जो एक बेवफा से प्यार किया था !!
जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है
जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है,
सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है…