Labo pe muskan ankho me khushi,
Gum ka kanhi kaam naa ho,
Har din laaye aap ke liye itni khushi,
Jiske dhalne ki koyi shaam naa ho…
जोक्स और शायरी हिंदी में
Labo pe muskan ankho me khushi,
Gum ka kanhi kaam naa ho,
Har din laaye aap ke liye itni khushi,
Jiske dhalne ki koyi shaam naa ho…
बहारो का समा होता है आपके आने से,
फूल खिलते है आपकी आहट से,
ज़्यादा मत सोइए जनाब,
क्योकि हर सुबह होती है आपके मुस्कुराने से…
प्यार से चाहे अरमान मांग लो,
रूठकर चाहे मुस्कान मांग लो.
तमन्ना ये है की न देना कभी धोखा
फिर हसकर चाहे मेरी जान माँग लो.
उसके तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई,
जी नहीं मानता कि वो बेवफ़ा पहले से था।
लिख-लिख कर मिटा दिए
तेरी बेवफाई के गीत,
किया करती थी
तू भी वफ़ा एक ज़माने में।
इक उम्र तक मैं जिसकी जरुरत बना रहा
फिर यूँ हुआ कि उस की जरुरत बदल गई।
खुश हूँ कि मुझको जला के तुम हँसे तो सही,
मेरे न सही… किसी के दिल में बसे तो सही।
जिन फूलों को संवारा था
हमने अपनी मोहब्बत से,
हुए खुशबू के काबिल तो
बस गैरों के लिए महके।
मुझे शिकवा नहीं कुछ बेवफ़ाई का तेरी हरगिज़,
गिला तो तब हो अगर तूने किसी से निभाई हो।
माना कि मोहब्बत की ये भी एक हकीकत है फिर भी,
जितना तुम बदले हो उतना भी नहीं बदला जाता।