kisi kai pero mai girakar kamyabi se behatar..

“किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो।”

Jis machli mai jaan hoti hai wo apna Rastaa khud..

“सिर्फ मरी हुई मछली को पानी का बहाव चलाती है जिस मछली में जान होती है वह अपना रास्ता खुद बनाती है।”

Der se bnao pr kuch to jarror bano

“देर से बनो लेकिन जरूर कुछ बनो लोग वक्त के साथ खैरियत नहीं पूछते हैसियत पूछते हैं।”

Dusro ko dekhne ki bjay .. jisse ki dusra apko

“दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें।”

bebwaafai uski dil se .. Aag lga kr aya hu

बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,

ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,

कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,

इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

Hame teri badnamiyo ka dar ….mai bewafa

गर हमें तेरी बदनामियों का डर न होता,

न तू वेवफा कहती… न मैं वेवफा होता।

Khud ko bewafa.. wo kheta hai

वो कहता है… कि मजबूरियां हैं बहुत..

साफ लफ़्ज़ों में खुद को बेवफा नहीं कहता।

नादान थे हम, गलती हमसे हुई क्योंकि

बेवफा से दिल लगा लिया नादान थे हम,

गलती हमसे हुई क्योंकि इंसान थे हम,

आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती है,

कुछ समय पहले उनकी जान थे हम।

आज सजधज के कठे – आत्महत्या करणे जा

धणी- आज सजधज के कठे जा री से?

लुगाई- आत्महत्या करणे जा री सुं

धणी- तो इत्तो मेकअप क्यूँ करयो हैलुगाई- काल अख़बार म्हें म्हारो फोटू भी तो छपसी