Jise Yad Na Aye Wo Tanhai Kis Kam Ki – Hindi Shayari

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की;
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की;
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है;
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की।

Kuch mai bhi Thak gyi hu use Dhundhte Dhundhte

कुछ मैं भी थक गयी हूँ उसे ढूँढ़ते-ढूँढ़ते;
कुछ ज़िंदगी के पास भी मोहलत नहीं रही;
उसकी एक-एक अदा से झलकने लगा था खलूस;
जब मुझ को ही ऐतबार की आदत नहीं रही।

Har Baar Mere Saamne aati Rahi ho Tum – Hindi Shayari with Love

हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम;
हर बार तुम से मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं;
तुम कौन हो ये खुद भी नहीं जानती हो तुम;
मैं कौन हूँ ये खुद भी नहीं जानता हूँ मैं।H

Jane kya Soch ke lahre Sahil se Takrati hai- Hindi Shayari

जाने क्या सोच के लहरे साहिल से टकराती हैं;
और फिर समंदर में लौट जाती हैं;
समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं;
या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं।

Sitam ki Rasme bahut thi – Hindi Shayari

सितम की रस्में बहुत थीं लेकिन, न थी तेरी अंजुमन से पहले;
सज़ा खता-ए-नज़र से पहले, इताब ज़ुर्मे-सुखन से पहले;
जो चल सको तो चलो के राहे-वफा बहुत मुख्तसर हुई है;
मुक़ाम है अब कोई न मंजिल, फराज़े-दारो-रसन से पहले

Woh Zalim Meri Ek Khwahish – Funny Shayari

वो ज़ालिम मेरी हर ख्वाहिश ये कह कर टाल जाता है​​​​;
​​दिसम्बर जनवरी में कौन नैनीताल जाता है;
​​मुनासिब है कि पहले तुम भी आदमखोर बन जाओ​​;
​​कहीं संसद में खाने कोई चावल दाल जाता है।