Humne Ye Sham Chirago Se Saja Rakhi Hai- Intezaar Hindi Shayari

हमने ये शाम चराग़ों से सजा रक्खी है;

​​ ​आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं;

​हवा टकरा रही है शमा से बार-बार;​​

​और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रक्खी है।