तारों में अकेले चांद जगमगाता है by avni kumariतारों में अकेले चांद जगमगाता है।मुश्किलों में अकेले इंसान डगमगाता है।काटों से मत घबराना मेरे दोस्त।क्योंकि काटों में भी गुलाब मुस्कुराता है।.