खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है – Friendship Shayari

खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है,

तन्हाईयों में भी एक गहरा राज़ है,

मिलते नही हैं सबको अच्छे दोस्त यहाँ,

आप जो मिले हो हमें खुद पर नाज़ है।