हम चाहे जहाँ भी हैं पर अभी भी तुम्हारी यादों में हैं

हम चाहे जहाँ भी हैं पर अभी भी तुम्हारी यादों में हैं,
जो बीत रही है तनहा उन तमाम रातों में हैं,
यहाँ वहाँ मुड़कर ना ढूंढो हमें,
बनकर नशा अभी भी हम तुम्हारी आँखों में हैं।