Whatsapp Shayari

Hello guys we have lots of collection of whatsapp shayari in hindi, whtsapp sad sayari ,dard bhari shayri in hindi ,and also including whatsapp romantic shayri, love shayri in hindi and latest shayari for whatsapp, shayari status for whtsapp in hindi . so guyz there is a amazing collection of lots of whtsapp shayari’s . you definitely like all the whatsapp hindi shayari and you can share these beautiful shayari to your favourite people,family members and friends.

WhatsApp Shayari

WhatsApp Shayari in Hindi

साथ ना रहने से रिश्ते टूटा नहीं करते ,
वक़्त की धुंध से लम्हे टूटा नहीं करते ,
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया,
टूटी नींद है , सपने टूटा नहीं करते


शौंक नहीं है मुझे अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का …
मगर क्या करूँ , अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का


मिटा दे हर ख्याल जेहन की किताब से लेकिन
इबारत पे उनका नाम देखकर सिसकने लगते है


जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना,
मुझे गुमाँ भी ना हो और तुम बदल जाना..


दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक नही होती
तेरा जिक्र’ होते ही दरो दीवार महकने लगते है


तुम्हारे चाँद से चेहरे पे ग़म अच्छे नहीं लगते,
हमें कह दो चले जाओ जो हम अच्छे नहीं लगते..


भी जख्म तेरे यादों के भरने लगते है,
किसी बहाने हम तुम्हे याद करने लगते है जब


प्यार कोई दीया नहीं,जब चाहा जला दिया बुझा दिया,
ये बालू का महल नहीं,जब चाहा बना लिया मिटा दिया,
ये रस है जो दिल की गहराइयों से लिकलता है,
ये बच्चों का खेल नहीं,जिसे चाहा हरा दिया जिता दिया ..


हर अजनबी चेहरा पहचाना दिखाई देता है
जब भी हम तेरी गली से गुजरने लगते है


जिस रात को चाँद से तेरी बातें की हमने
सुबह की आँख मे आँसू उभरने लगते है


दामन को बेरंग फूलों से
उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है जिसने भर दिया


हर शख्स को दिवाना बना देता है इश्क
जन्नत की सैर करा देता है इश्क
दिल के मरीज हो तो कर लो महोब्बत
हर दिल को धड़कना सिखा देता है इश्क !!!


एक सुकून सा मिलता है….तुझे सोचने से भी….
फिर कैसे कह दूँ…मेरा इश्क़ बेवजह सा है….


आप ही अपनी जफ़ाओं पर अगर गौर करें तो इनायत होगी..
अगर हम अर्ज़ करेंगे तो आप को शिकायत होगी..


बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है ,
मगर नजरो से सलामी देने का तेरा अंदाज़ नही बदला


दुनिया की भीड़ में तुझे याद कर सकूँ कुछ पल ,
अजनबी राहों की तरफ कदम मोड़ता हूँ।


मुझसे नफरत करके भी खुश ना रह पाओगे,
मुझसे दूर जाकर भी पास ही पाओगे ,
प्यार में दिमाग पर नहीं दिल पर ऐतबार करके देखिये ,
अपने आप को रोम – रोम में बसा पाएँगे।


लिख दूँ तो लफज़ तुम हो ,
सोच लूँ तो ख्याल तुम हो ,
माँग लूँ तो मन्नत तुम हो ,
और चाह लूँ तो मोहब्बत भी तुम ही हो।


कुछ रिश्तों को कभी भी… नाम ना देना तुम…
इन्हें चलने दो ऐसे ही… इल्ज़ाम ना देना तुम ॥
ऐसे ही रहने दो तुम… तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…
के अल्फ़ाज़ों को मेरे… अंज़ाम ना देना तुम ॥


किसी ने मुझसे पूछा जिंदगी कैसी है,
मैने मुसकूरा कर कहा पता नही अब कोइ खास तालूख नही रखती..


प्यार कहो तो दो ढाई लफज़, मानो तो बन्दगी ,
सोचो तो गहरा सागर,डूबो तो ज़िन्दगी ,
करो तो आसान ,निभाओ तो मुश्किल ,


बिखरे तो सारा जहाँ ,और सिमटे तो ” तुम “नशा था उनके प्यार का , जिसमें हम खो गए ,
उन्हें भी पता नहीं चला कि कब हम उनके हो गए।


उसके फैंसलों में एक हिज़्र का फैंसला भी था,
मेरे वगैर रह-ए-ज़िन्दगी पर चलते जाने का उस में होंसला भी था..


अकेले हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं
अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं
अकेले हम कागज हैं, मिल जाए तो किताब हैं


मेरी नजरों की तरफ देख जमानें पे न जा ,
इक नजर फेर ले, जीने की इजाजत दे दे,
रुठ ने वाले वो पहली सी मोहब्बत दे दे ,
इश्क मासुम है, इल्जाम लगाने पे न जा….


जो तू साथ न छोड़े ता-उम्र मेरा ए मेहबूब
मौत के फ़रिश्ते को भी इनकार न कर दूं तो कहना
इतनी कशिश है मेरी मुहब्बत की तासीर में
दूर हो के भी तुझ पे असर न कर दूं तो कहना !


ये आँखें हैं जो तुम्हारी , किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…. कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…!!


सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा , सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा ,
जाने क्या बात थी उसमें और मुझ में ,सारी महफ़िल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा


छुपे छुपे से रहते हैं सरेआम नहीं हुआ करते,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते हैं उनके नाम नहीं हुआ करते..


कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है,
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।


 उल्फत नहीं नफ़रत ही सही..
चलो कुछ तो है जो उसे दिल से था..


मेरे लफ्ज़ फ़ीके पड़ गए तेरी एक अदा के सामने,
मैं तुझे ख़ुदा कह गया अपने ख़ुदा के सामने..


मैंने समुन्दर से सीखा है जीने का सलीका,
चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना..


नफरत करना तो कभी सिखा ही नही,
हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझकर..


जिनके पास अपने है वो अपनों से झगड़ते हैं,
नहीं जिनका कोई अपना वो अपनों को तरसते है..


टुकडे पडे थे राह में किसी हसीना की तस्वीर के,
लगता1. मुद्दत हो गयी, कोइ शख्स तो अब ऐसा मिले,
बाहर से जो दिखता हो, अन्दर भी वैसा ही मिले..


सेंस ऑफ़ ह्यूमर तेज हो गया,
भोंदू भी अंग्रेज हो गया !
कॉपी पेस्ट का जाल कर दिया,
“WhatsApp” ने कमाल कर दिया !!


हम रूठे तो किसके भरोसे,
कौन आएगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको,
पर दिल कहाँ से लाये..आप से रूठ जाने के लिए..


पांचवी फ़ेल भी लॉयर बन गया,
हर कोई क्रिकेट अंपायर बन गया !
संसद सा माहौल कर दिया,
“WhatsApp” ने कमाल कर दिया !


चांदी के सिक्के और बनता हुआ घर दिखाई देता है नजूमियों को ,
मुसाफिर की हाथ की लकीरों में मुक़द्दर दिखाई देता है


स्कूल के सब यार मिल गए,
यादों के अंबार मिल गए!
खुशियों भरा संसार कर दिया,
“WhatsApp” ने कमाल कर दिया !!


आईना आज फिर रिशवत लेता पकडा गया,
दिल में दर्द था ओर चेहरा हंसता हुआ पकडा गया..


बीवी फोन में बिजी हो गई,
पति भी इसमें कहीं खो गए,
लड़ना-झगड़ना बंद कर दिया
“WhatsApp” ने कमाल कर दिया


बहुत सी हसरतों का रोज़ क़तल करता हूँ
दो वक़्त की रोटी ने मुझे एक गुनाहगार बना दिया!!


बेशुमार यादें दी है तूने रखु कहाँ……,
दिल भर जाए तो आंखों से निकल जाती है।


ज़िन्दगी की हर शाम हसीन हो जाए….,
अगर मेरी मोहब्बत मुझे नसीब हो जाये


कमाल के लोग हैं..

टाइम किसी के पास नहीं है….,
लेकिन टाइम पास सब कर रहे है।


शादी के बाद अफेयर होना अब गलत नहीं माना जायेगा,
मज़ा तो तब आयेगा इस जज की बीवी के साथ कमरे में कोई और पाया जायेगा


बुझ गया है तेरे हुस्न का हुक्का ऐ सनम
हम हैं कि फिर भी गुड़गुड़ाएँ जा रहे हैं।


Aapki Parchaai hmare dil me hai
Aapki yaadein hmari aankhon me hai
Aapko hum bhulaye bhi kaise
Aapki mohabbat hmari saanso mein hain


Mere dil ki dhadkano ko
Tune dilbar dhadakna sikha diyaa,
Jab se mili hai mohabbat teri mere dil ko,
Gam me bhi hansna sikhaa diya


Talaash merit hi aur bhatak rha tha wo,
Dil mera tha aur dadak rha tha wo
Pyaar ka taluuk bhi ajeeb hota hai
Aanshu mere ther or sisak rha tha wo


Tu mujhe iss kadar achaa lgta hai
Ke tere bin ab mujhe kuch nhi achaa lgta hai


Teri yaad kyu aati hai ye maloom nhi
Lekin jab bhi aati hai achha lagta hai


Kisi ko unse mil ke ishq hua kisi ko unko dekh ke ishk hua
Ek hum hi the jo unko na dekhe na mile, humko to unse hui baato se hi unse ishq hua


Diwangi mein kuch aisa kar jayenge
Mohabbat ki saari hadein paar kar jayenge
Waada hai tumse
Dil bankar tum dadkoge or saans bankar hum aayenge


Saawan ki bundo me jhalkti hai unki tasveer
Aaj fir bhig baithe hain unhe paane ki chahat mein


Tum waqt waqt par pyaar ki dwaiya diya kro
Hme aadat hai roj tere pyaar me bimar hone ki


Kuch log khone ko pyaar khte hain
To kuch paane ko pyaar khte hain
Par haqiqat to ye hai
Hum to bss nibhane ko pyaar khte hain


Chahat Hai Ya Dillagi Ya Yoon Hi Man Bharmaya Hai,
Yaad Karoge Tum Bhi Kabhi Kis Se Dil Lagaya Hai.


Teri mohabbat ka ye kitna khoobsurat ehsaas hai
Ab to mujhe lgta hai har pal kit u mere khin aas pass hai


Hum chah kar bhi tum se  jyaada der tak naraj nhi reh skte
Kyonki tumhari pyari si muskan me meri jaan bsti hai


Khusboo bankar teri saanso me sma jayenge
Sukoon bankar tere dil me utar jayenge
Mehsoos krne ki kosis to kijiye ek baar
Durr rhte huye bhi pass najar aayenge


Bas mujhe apni baaho me sula lo
Fir chahe kitna bhi mujhe rula lo


Tera jindagi me aana itefaaq ho to ho
Par tujhe yu jindagi bnana itefaq nhi


Jab khamosh aankhon se baat hoti hai
Aise hi mohabbat ki suruaat hoti hai
Tumhare hi khayalo me khoye rhte hain
Pta nhi kb din kb raat hoti hai


Aaj bhi kitna naadan hai dil smjata hi nhi
Baad brso ke unhe dekha to duaaye maang baitha


Meri har saans me tu hai
Meri har Khushi me tu hai
Tere bin jindagi kuch nhi
Kyoki meri puri jindagi hi tu hai


Dil ka haal btana nhi aata
Hme aise kisi ko tadpana nhi aata
Sunna to chahte hain hum unki awaaj ko
Par hme koi baat krne ka bhana nhi aata


Ruth Gya wo khuda bhi hmse
Jab hmne apni har dua me aapko maanga


Hme fir suhana njara mila hai
Kyoki jindagi me saath tumhara mila hai
ab jindagi me koi kwahish nhi rhi
Kyoki hme ab tumhari baaho ka sahaara mila hai


Tujhe kya pata ki mere dil mein,
kitana pyaar hai tere liye,
jo kar dou bayaan to,
tujhe neend se nafrat ho jaye!


Apni mohabbat pe itna bhrosa to hai mujhe
Meri wfaye tujhe kisi or ka hone na dengi


Tumhaari aankhon ki gehraayi mein,
Khona chaahta hoon main,
Bharkar tumhe baahon mein apni,
Sona chaahta hoon main


Dil ki khidki se bahr dekho na kbi
Baarish ki bundo sa hai ehsaas mera


Aata nhi tha hme ikraar krna
Na jaane kse sikh gye pyaar krna
Rukte na the do pal kbi kisi ke liye
Na jaane kse sikh gye intejaar krna


Muskraa jaata hu aksar gusse me bhi tera naam sun kar
Tere naam se itni mohabbat hai to soch tujse kitni hogi


ar pal har lmha hum hote bekraar hai
Tujse durr hote hai to lgta hai laachaar hai
Bss ek baar dekho aankho me meri
Mere iss dil me tere liye kitna pyaar hai


Mujse waada kro mujhe ruloge nhi
Haalat jo bhi ho mujhe bulaoge nhi


Nhi Basti kisi or ki surat ab in aankho me
Kaash ki hmne tujhe itne gaur se na dekha hota


Bhut Bure ho tum
Fir bhi tumse achaa koi nhi lgta


Un Haseen palo ko yaad kar rahe the,
Aasmaan se aapki baat kar rahe the,
Sukun mila jab hume hawao Ne bataya,
Aap bhi hame yaad kar rahe the





So guys I hope you enjoy our great collection of WhatsApp Shayari. Send and Share these amazing WhatsApp shayari in Hindi with your friends and dear one.